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Fever treatment: 100 डिगà¥à¤°à¥€ से ऊपर के बà¥à¤–ार को जलà¥à¤¦à¥€ तोड़ने के लिठआजमाà¤à¤‚ ये 8 असरदार तरीके
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का मौसम है और कोरोना महामारी का पà¥à¤°à¤•ोप à¤à¥€ जारी है। इन दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार (Fever) à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। बà¥à¤–ार किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर को तोड़कर रख देता है। हलà¥à¤•े बà¥à¤–ार से बिना दवाओं के जरिठराहत पाई जा सकती है लेकिन बà¥à¤–ार के साथ कंपकपी, बदन दरà¥à¤¦ और उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना बेहतर रहता है।
बà¥à¤–ार का कोई à¤à¥€ इलाज करने से पहले इसे समà¤à¤¨à¤¾ जरूरी है। शरीर का सामानà¥à¤¯ तापमान 97 से 99° F के बीच होता है। बà¥à¤–ार 100.4° F या इससे अधिक का तापमान होता है। यह लो गà¥à¤°à¥‡à¤¡ बà¥à¤–ार होता है गंà¤à¥€à¤° बà¥à¤–ार बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की उमà¥à¤° के आधार पर निरà¥à¤à¤° करता है। à¤à¤• महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं में 100.4° F गंà¤à¥€à¤° माना जाता है जबकि à¤à¤• महीने से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में 102° F गंà¤à¥€à¤° माना जाता है। अगर बात करें वयसà¥à¤•ों की, तो उनके लिठ103° F बà¥à¤–ार गंà¤à¥€à¤° माना जाता है।
à¤à¤• महीने और उससे कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिà¤, 100.4° या उससे अधिक के तापमान के लिठततà¥à¤•ाल चिकितà¥à¤¸à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। अगर बà¥à¤–ार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¤¾ आंख से संपरà¥à¤• कर रहा है, बातों का जवाब दे रहा है, तरल पदारà¥à¤¥ पी रहा है और सामानà¥à¤¯ रूप से उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है, तो चिंता करने की कोई आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है।
अगर बà¥à¤–ार से पीड़ित किसी बचà¥à¤šà¥‡ या वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कंपकपी, गंà¤à¥€à¤° सिरदरà¥à¤¦, गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦, मानसिक à¤à¥à¤°à¤®, लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ आना, तीन दिनों से अधिक समय तक बà¥à¤–ार रहना, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दरà¥à¤¦ या पेशाब करते समय दरà¥à¤¦ जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ महसूस हो रहे हैं तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का खूब सेवन करें
बà¥à¤–ार के दौरान शरीर के बढ़े हà¥à¤ तापमान को कम करने के लिठअधिक पानी पीना जरूरी है। पानी नहीं पीने से डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके लिठआप फलों का रस, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह की चाय, काà¥à¤¾ आदि का सेवन कर सकते हैं।
आराम करें
संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने में शरीर को बहà¥à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ लगती है। शरीर का तापमान कम करने और जलà¥à¤¦à¥€ ठीक होने के लिठबà¥à¤–ार के मरीजों को जितना हो सके, उतना आराम करना चाहिà¤à¥¤
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाना
बहà¥à¤¤ से लोग बà¥à¤–ार होने पर ठंडे पानी से नहाने पर विचार करते हैं। हालांकि à¤à¤¸à¤¾ करने से कंपकंपी बॠसकती है, जिससे शरीर का तापमान और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकता है। तापमान कम करने के लिठआपको गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाना चाहिà¤à¥¤ नहाने से थकी हà¥à¤ˆ मांसपेशियों को शांत करने में मदद मिल सकती है।
हलà¥à¤•े कपड़ें पहनें
अकà¥à¤¸à¤° लोग बà¥à¤–ार होने पर बहà¥à¤¤ सारे मोटे कपड़े पहन लेते हैं, à¤à¤¸à¤¾ करने से बà¥à¤–ार और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बॠसकता है। बहà¥à¤¤ अधिक या मोटे कपड़े पहनने से शरीर के खिलाफ गरà¥à¤®à¥€ फंस सकती है, जिससे शरीर का तापमान और बढ़ सकता है।
सà¥à¤ªà¤‚ज करने की कोशिश करें
वाषà¥à¤ªà¥€à¤•रण का शरीर के तापमान पर à¤à¥€ शीतलन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। अगर आप नहा नहीं सकते हैं, तो तापमान कम करने के लिठशरीर पर ठंडे पानी से सà¥à¤ªà¤‚ज करें। बगल, माथे और गले वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। à¤à¤• बार में à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ को सà¥à¤ªà¤‚ज करें और बाकी शरीर को ढक कर रखें।
बरà¥à¤« चूस सकते हैं
यदि आपको पानी या अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥ पीने से मिचली आ रही है, तो आपके इसके बजाय बरà¥à¤« चूस सकते हैं। सादे पानी की बजाय अपने आइस-कà¥à¤¯à¥‚ब टà¥à¤°à¥‡ में पतला फलों का रस जमा लें और थोड़ी-थोड़ी देर में इसे चूसते रहें।
गरारे करें
गरारे करने से गले की खराश और बà¥à¤–ार कम हो सकते हैं और असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ राहत मिल सकती है। à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी में आधा चमà¥à¤®à¤š नमक घोलकर दिन में चार बार गरारे करें। इसके लिठपानी में शहद और सेब का सिरका मिला सकते हैं। दो कप गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ या नींबू का रस मिलाकर à¤à¥€ गरारे कर सकते हैं।
ओटीसी दवाà¤à¤‚
बà¥à¤–ार को कम करने के लिठà¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ और इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ जैसी ओवर-द-काउंटर दवाà¤à¤‚ लें। उचित खà¥à¤°à¤¾à¤• पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनà¥à¤¯ बà¥à¤–ार कम करने वाली दवाओं के साथ उपयोग न करें। आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना अपने बचà¥à¤šà¥‡ या बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ नहीं देनी चाहिà¤à¥¤ 6 महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ नहीं दिया जाना चाहिà¤à¥¤
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